नदियों का अस्तित्व खतरे में, जनता पर महंगाई की मार
मरांडी ने कहा कि अवैध खनन के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का स्वरूप पूरी तरह बिगड़ चुका है, जिससे भू-क्षरण की समस्या भयावह होती जा रही है। उन्होंने जनता की तकलीफों का जिक्र करते हुए बताया कि अवैध सिंडिकेट के कारण बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं।आम आदमी के लिए घर बनाना अब बजट से बाहर होता जा रहा है, पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है।
माफिया-अधिकारी सांठगांठ का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस अवैध धंधे का मुनाफा बिचौलियों, खनन माफियाओं और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की जेब में जा रहा है। उन्होंने इसे केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक संकट करार दिया। मरांडी के अनुसार, बिना सरकारी संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर संसाधनों की लूट संभव नहीं है, इसलिए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों से होना अनिवार्य है।
जनआंदोलन की चेतावनी
प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए बाबूलाल मरांडी ने कड़े कदम उठाने की वकालत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस लूट पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो भाजपा इसके खिलाफ व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की संपदा पर यहाँ की जनता का हक है, न कि चंद माफियाओं का। उन्होंने ईडी के निदेशक झारखंड से कहा कि राज्य में चल रहे अवैध बालू कारोबार पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करें।