Jharkhand News: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गया. सत्र के पहले दिन राज्यपाल अपने अभिभाषण के जरिए सदन में सरकार की अब तक की उपलब्धियों की जानकारी देंगे और आने वाले समय की योजनाओं का खाका पेश करेंगे. इस अभिभाषण को सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड माना जाता है.
17 कार्य दिवस, 23 फरवरी को नहीं चलेगा सदन
यह बजट सत्र कुल 17 कार्य दिवसों का होगा. शुरुआत में औपचारिक कामकाज निपटाए जाएंगे. हालांकि, निकाय चुनाव को देखते हुए 23 फरवरी को सदन की कार्यवाही नहीं होगी. विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने कहा है कि निकाय चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए उस दिन सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर मतदान और व्यवस्था पर नजर रख सकेंगे.
24 फरवरी को पेश होगा बजट
सत्र का सबसे अहम दिन 24 फरवरी होगा. इसी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में पेश करेगी. माना जा रहा है कि इस बार बजट में सड़क और पुल निर्माण, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नई योजनाओं की शुरुआत और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास जोर दिया जा सकता है.
सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति
सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित कई दलों के नेता शामिल हुए. सभी दलों ने 23 फरवरी को सदन स्थगित रखने के फैसले पर सहमति जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने का भरोसा दिया.
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की. उन्होंने साफ कहा कि सदन में पूछे गए सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. गृह सचिव वंदना दादेल समेत अन्य विभागों के सचिवों को लंबित प्रश्नों का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विधायकों द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों पर विभाग समय पर और सही जवाब दें.
इस तरह झारखंड का बजट सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, जहां एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाएगी, वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है.