Jharkhand News: कुख्यात अपराधी आकाश राय उर्फ मोनू को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने आकाश राय द्वारा दायर क्रिमिनल रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूर्व में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया.
अमन साहू गिरोह से गहरा संबंध
आकाश राय को कुख्यात अमन साहू का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है. उस पर रांची के नामकुम स्थित एक फ्लैट में खतरनाक अपराधियों को शरण देने और उन्हें पनाह मुहैया कराने का गंभीर आरोप है. पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, वह गिरोह के लॉजिस्टिक और सुरक्षित ठिकानों का प्रबंधन संभालता था.
कई संगीन मामलों में संलिप्तता
आकाश राय के खिलाफ तेतरिया कोल माइंस में हुई फायरिंग और बड़े पैमाने पर रंगदारी वसूलने जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह पिछले करीब चार वर्षों से जेल की सलाखों के पीछे है. उसकी याचिका खारिज होने से अब उसकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं.
NIA की रडार पर पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले और गिरोह के नेटवर्क की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की जा रही है. एनआईए इस अपराधी सिंडिकेट से जुड़े अन्य पहलुओं, टेरर फंडिंग और रंगदारी के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी गहनता से पड़ताल कर रही है. एजेंसी का लक्ष्य अमन साहू गिरोह के पूरे तंत्र को ध्वस्त करना है.