Jharkhand News : बोकारो जिले स्थित डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक बेकाबू मालगाड़ी प्लांट का गेट तोड़ते हुए बाहर निकल गई और एक स्कॉर्पियो को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के दौरान स्कॉर्पियो चालक ने कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई, हालांकि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।घटना उस समय हुई जब कोयला खाली कर एक मालगाड़ी प्लांट से बाहर निकल रही थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार कर रही स्कॉर्पियो (नंबर JH01FT 3824) को मालगाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी और करीब 400–500 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। स्कॉर्पियो चला रहे कथारा निवासी अमरदीप ने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई।
रिवर्स में निकालने के दौरान हादसा, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप
बताया जा रहा है कि नियमानुसार रैक को इंजन आगे की ओर रखकर बाहर निकाला जाता है, लेकिन इस बार इसे रिवर्स में निकाला जा रहा था। साथ ही पीछे गार्ड बोगी और उचित सिग्नलिंग की कमी भी सामने आई है, जिससे यह दुर्घटना हुई। अधिक रफ्तार होने के कारण मालगाड़ी गेट तोड़ते हुए आगे बढ़ती चली गई और अंततः पटरी से उतरने के बाद रुकी।
इस घटना में रेलवे और रैक प्रबंधन की लापरवाही साफ तौर पर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे कोयला लदा रैक प्लांट में पहुंचा था और 7 बजे तक खाली कर लिया गया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ।
बड़ा ट्रेन हादसा टला, जांच में जुटे रेलवे व प्रशासनिक अधिकारी
स्थिति और भयावह हो सकती थी, क्योंकि उसी समय गोमो-चोपन पैसेंजर ट्रेन के आने की संभावना थी। हालांकि मेन लाइन का गेट बंद होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव, स्टेशन मैनेजर शैलेश कुमार और सीआईएसएफ निरीक्षक प्रशांत कुमार प्रसून ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में रैक चालक अरुण कुमार की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रेलवे लाइन प्रभावित नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।