MGM Jamshedpur: जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थापित लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) प्लांट का काम तकनीकी रूप से पूरा होने के बावजूद इसके शुरू होने में अभी और समय लग सकता है. हालांकि अस्पताल परिसर में इस प्लांट को पूरी तरह असेंबल कर दिया गया है, लेकिन इसके संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस की प्रक्रिया अब भी विभागीय कागजों में फंसी हुई है. महीनों से चल रहे इस प्रोजेक्ट के धरातल पर न उतरने से अस्पताल की ऑक्सीजन आत्मनिर्भरता पर फिलहाल ब्रेक लगा हुआ है.
जांच टीम की मंजूरी का इंतजार
नियमों के अनुसार, प्लांट शुरू करने से पहले एक विशेषज्ञ टीम द्वारा इसका सुरक्षा और गुणवत्ता निरीक्षण किया जाना अनिवार्य है. जब तक यह जांच टीम अपनी हरी झंडी नहीं दे देती और आधिकारिक लाइसेंस जारी नहीं हो जाता, तब तक प्लांट से गैस की सप्लाई शुरू नहीं की जा सकती. इस देरी की वजह से अस्पताल को अब भी ऑक्सीजन सिलेंडरों की पुरानी व्यवस्था पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है.
प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी
प्लांट के उपकरणों का इंस्टॉलेशन काफी समय पहले पूरा कर लिया गया था, लेकिन सुरक्षा मानकों और तकनीकी ऑडिट के कारण फाइलों का काम कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द इसे मरीजों की सेवा में समर्पित किया जा सके और आपात स्थिति में सिलेंडरों पर निर्भरता खत्म हो.