Municipal Elections: नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच चुनावी खर्च की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने तैयारी तेज कर दी है. तय कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों को सोमवार को अपने चुनावी व्यय का दूसरा हिसाब-किताब जमा करना होगा.
आयोग द्वारा निर्धारित खर्च का शेड्यूल
निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के खर्च की निगरानी के लिए समय-सारणी पहले ही घोषित कर दी थी. इसके तहत कुल तीन चरणों में अंतरिम हिसाब देना अनिवार्य किया गया है:
- प्रथम विवरण: 12 फरवरी को जमा किया जा चुका है.
- द्वितीय विवरण: 16 फरवरी को जमा किया जाना है.
- तृतीय विवरण: 20 फरवरी को जमा होगा.
ज्ञात हो कि 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना होनी है. चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उम्मीदवारों को अपना अंतिम और विस्तृत व्यय विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा.
निष्पक्ष चुनाव के लिए वित्तीय निगरानी
समय-समय पर खर्च का ब्यौरा मांगना निर्वाचन आयोग की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि चुनाव में धनबल के अनुचित प्रयोग को रोका जा सके. किस्तों में हिसाब देने की इस प्रक्रिया से उम्मीदवारों के दैनिक प्रचार खर्चों की सटीक मॉनिटरिंग संभव हो पाती है और अंतिम समय में होने वाली हेर-फेर की संभावना कम हो जाती है. यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है.