Ranchi: राजधानी रांची के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत डोरंडा टोली में बंद पड़े एक घर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया है। यह वारदात 26 अप्रैल की रात के दौरान अज्ञात अपराधियों द्वारा अंजाम दी गई थी। इस मामले में पीड़िता अंजू तिग्गा के लिखित आवेदन के आधार पर 27 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक हटिया के निर्देशन में थाना प्रभारी विधानसभा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध को हिरासत में लिया और पूछताछ के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पूछताछ में सामने आई साजिश, चार आरोपी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान आरोपी प्रशांत पासवान उर्फ बोधा ने अपने अपराध को स्वीकार करते हुए बताया कि उसने दीपक वर्मा और जीतू कुमार पाण्डेय के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने यह भी बताया कि चोरी किए गए आभूषणों को एसपी सन्स ज्वेलर्स के संचालक नितिश कुमार को बेचा गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद कर लिया और सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस खुलासे के बाद पूरे गिरोह की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर है और आगे की जांच जारी है।
बरामद सामान और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 90 ग्राम सोना (बिस्किट, बाली एवं मेल्ट), एक काला लैपटॉप, दो इंडेन गैस सिलेंडर, करीब 1,05,070 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक वर्मा, जीतू कुमार पाण्डेय, प्रशांत पासवान उर्फ बोधा और ज्वेलरी दुकान संचालक नितिश कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी चोरी व अन्य मामलों में संलिप्त पाए गए हैं।
छापामारी दल में शामिल अधिकारी
इस पूरे मामले के खुलासे में गठित छापामारी दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में पुलिस उपाधीक्षक हटिया प्रमोद कुमार मिश्रा, विधानसभा थाना प्रभारी गणेश कुमार यादव, पुंदाग ओपी प्रभारी संजीव कुमार, बुलेट गोराई, दिनेश प्रजापति, आनंद पंडित तथा सहायक अवर निरीक्षक कुलदीप सिंह शामिल थे। सभी अधिकारियों ने समन्वय बनाकर कार्रवाई को सफल बनाया और घटना का शीघ्र उद्भेदन किया।