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  • 2026-03-27

Ranchi News: कोयला ट्रांसपोर्ट घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, CCL अधिकारी समेत 4 पर चार्जशीट

Ranchi News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल कार्यालय ने कोयला ढुलाई में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में सख्त कदम उठाया है. एजेंसी ने 26 मार्च को केंद्रीय कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के एक अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों सहित कुल चार लोगों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चार्जशीट दाखिल की है.


कौन-कौन हैं आरोपी?

इस मामले में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें

• संजीव कुमार सिंह (CCL में सहायक सुरक्षा उप-निरीक्षक)
• उनकी पत्नी पूनम देवी
• उनके छोटे भाई गोपाल कुमार और निजी कोयला ट्रांसपोर्टर राहुल कुमार शामिल हैं.

कैसे शुरू हुई जांच?
इस पूरे मामले की शुरुआत CBI रांची द्वारा दर्ज एफआईआर से हुई थी. जांच एजेंसी ने संजीव कुमार सिंह पर अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध कमाई करने का आरोप लगाया था. बाद में 9 दिसंबर 2025 को CBI ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल की थी. इसी आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की.

क्या है आरोप?
जांच में सामने आया कि जब संजीव कुमार सिंह बरका सयाल क्षेत्र में सुरक्षा प्रभारी थे, तब उन्होंने कोयला परिवहन करने वाले निजी ट्रांसपोर्टरों से फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत ली.

निजी ट्रांसपोर्टर राहुल कुमार ने कथित तौर पर उन्हें 5 लाख रुपये दिए, ताकि उसे कोयला ढुलाई में अनुचित लाभ मिल सके.

परिवार के खातों से हुआ लेन-देन
ED की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रिश्वत की रकम सीधे संजीव कुमार सिंह की पत्नी पूनम देवी के बैंक खाते में जमा कराई गई.

• पूनम देवी के खाते में 4.46 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकद जमा भी पाई गई.
• वह इस रकम का कोई वैध स्रोत नहीं बता सकीं.

इसके बाद पूनम देवी ने इस रकम में से 4 लाख रुपये अपने देवर गोपाल कुमार के खाते में ट्रांसफर कर दिए.

पैसे को ठिकाने लगाने की कोशिश
जांच में पता चला कि गोपाल कुमार ने पैसे मिलने के कुछ ही दिनों के भीतर रकम को अलग-अलग तरीकों से खर्च कर दिया.

उन्होंने नकद निकासी की, कुछ पैसे अन्य लोगों को ट्रांसफर किए और वाहन की किस्त भी चुकाई, ताकि अवैध धन को सामान्य लेन-देन में मिलाया जा सके.

ईडी की आगे की कार्रवाई
ईडी का कहना है कि इस मामले में अवैध कमाई को छिपाने और उसे वैध दिखाने के लिए परिवार के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया. एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.

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