Ranchi News: रांची स्थित झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर ने गुरुवार को गर्ल्स हॉस्टल का अचानक निरीक्षण किया. यह कार्रवाई छात्राओं द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के बाद की गई. पिछले कुछ दिनों से मेस की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर असंतोष जताया जा रहा था. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुलपति बिना किसी पूर्व सूचना के छात्रावास पहुंचे और हालात का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रो. मेढेकर के साथ कुलसचिव के.के. राव भी मौजूद थे. दोनों अधिकारी सीधे मेस में पहुंचे और छात्राओं के साथ कतार में खड़े होकर दोपहर के भोजन का स्वाद चखा. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, परोसने की व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति की बारीकी से जांच की. छात्राओं से बातचीत में यह बात सामने आई कि कई बार तय मेन्यू के अनुसार खाना नहीं दिया जाता और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं रहती.
निर्धारित मेन्यू का पालन हर हाल में किया जाए
मामले को गंभीर मानते हुए कुलपति ने मेस संचालक को कड़ी फटकार लगाई और सख्त निर्देश दिया कि निर्धारित मेन्यू का पालन हर हाल में किया जाए. उन्होंने साफ कहा कि खाने की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा. साथ ही निगरानी समिति को नियमित रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा न आएं.
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के स्वास्थ्य और हितों को सर्वोपरि मानता है. उन्होंने वार्डन और मेस प्रबंधन को जवाबदेही तय करने और व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार लाने के निर्देश दिए.
दोपहर के समय बस सेवा बढ़ाने का निर्णय
इस दौरान हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई. कुछ सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए, जिन्हें जल्द ठीक कराने का आदेश दिया गया. छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोपहर के समय बस सेवा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. अब दोपहर 1 बजे एकेडमिक बिल्डिंग से मेस के लिए बस चलेगी और 2 बजे मेस से वापस एकेडमिक बिल्डिंग के लिए बस उपलब्ध रहेगी. इसके अलावा गर्मी को देखते हुए हॉस्टल परिसर में नए वाटर कूलर लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
निरीक्षण के दौरान चीफ प्रॉक्टर डॉ. अमरेंद्र कुमार, इंचार्ज डीएसडब्ल्यू डॉ. के. तासी, डॉ. रामकिशोर, पीआरओ नरेंद्र कुमार और सुरक्षा अधिकारी तरुण कुमार भी मौजूद थे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए आगे भी नियमित जांच और आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे.