Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग की तत्कालीन सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के निजी सहायक (PA) बीएन राम को गिरफ्तार किया है। उन पर JPSC इंटरव्यू में अभ्यर्थियों को मैनेज कराने और चयन में मदद के नाम पर करीब 40 लाख रुपये वसूलने का आरोप है।
जांच एजेंसी के अनुसार, अभ्यर्थियों से इंटरव्यू में अंक बढ़वाने और चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर कथित तौर पर बड़ी रकम मांगी गई थी। इसी सिलसिले में बीएन राम की भूमिका की जांच चल रही थी। पूछताछ और अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर CID ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
दो दिन की पूछताछ के बाद जेल भेजे गए एल. ख्यांगते
इधर, JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते से CID ने लगातार दो दिनों तक पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। आयोग में कथित अनियमितताओं, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने से जुड़े मामलों की जांच पहले से चल रही है।
40 लाख की कथित वसूली का नेटवर्क खंगाल रही CID
बीएन राम की गिरफ्तारी और एल. ख्यांगते को जेल भेजे जाने के बाद JPSC मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है। अब CID यह पता लगाने में जुटी है कि इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर कथित तौर पर वसूली गई करीब 40 लाख रुपये की रकम किन लोगों तक पहुंची और इसमें कौन-कौन शामिल थे। bजांच एजेंसी JPSC के तत्कालीन पदाधिकारियों के साथ-साथ अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में और कार्रवाई होने की संभावना है।