Ranchi News : में आयोजित राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने थानों की कार्यशैली सुधारने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में राज्यभर के थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी शामिल हुए, जहां पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने पर विशेष चर्चा की गई।
पुलिसिंग को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को कानून की गहरी समझ, जांच की आधुनिक तकनीक, केस डायरी के बेहतर रख-रखाव और साक्ष्य जुटाने की वैज्ञानिक प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही आम जनता के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और सेवा भावना को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस की पहचान उसके व्यवहार और त्वरित कार्रवाई से होती है, इसलिए थानों में लोगों को बेहतर प्रतिक्रिया मिलनी चाहिए। कई जगहों से शिकायतें मिलती रही हैं कि आम लोगों को थानों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता, जिसे सुधारना जरूरी है।
“बेहतरीन थाना” मॉडल पर काम, तकनीक और साफ-सफाई पर भी फोकस
कार्यक्रम में “बेहतरीन थाना” की अवधारणा को लागू करने पर जोर दिया गया। इसके तहत थानों की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन, तकनीकी उपयोग और जनता से संवाद के स्तर को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों को “सुरक्षित और स्मार्ट पुलिसिंग” मॉडल अपनाने, अपराध नियंत्रण की रणनीति को मजबूत करने और थाना स्तर पर नेतृत्व को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेंगे, ताकि पुलिस व्यवस्था में लगातार सुधार लाया जा सके।
इस पहल को झारखंड पुलिस की छवि सुधारने और जनता का भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।