Ranchi News : झारखंड सरकार ने सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस और जस्टिस को मिलने वाले घरेलू सहायता एवं अन्य सुविधाओं से जुड़े भत्तों में बढ़ोतरी का निर्णय लागू कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार नई व्यवस्था 1 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। न्यायाधीश के निधन की स्थिति में उनके जीवित पति या पत्नी को भी इन सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।
चीफ जस्टिस को 50 हजार और जस्टिस को 45 हजार रुपये प्रतिमाह का मिलेगा भत्ता
सरकार का यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस को घरेलू नौकर और चालक की सुविधा के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह का भत्ता मिलेगा, जबकि सेवानिवृत्त जस्टिस को इसके लिए 45 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त मोबाइल, लैंडलाइन, इंटरनेट, अनुसचिवीय सहायता और सुरक्षा सेवाओं के लिए 15 हजार रुपये प्रतिमाह का अलग भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि इन भत्तों में हर वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
कुछ शर्तों के साथ मिलेगी सुविधा, हाईकोर्ट से कर्मियों की प्रतिनियुक्ति का भी विकल्प
संकल्प के अनुसार इन सुविधाओं का लाभ केवल उन्हीं सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस और जस्टिस को मिलेगा जो किसी अन्य उच्च न्यायालय, सरकार, न्यायाधिकरण, आयोग या अन्य सरकारी पद पर कार्यरत नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य स्रोत से समान सुविधा प्राप्त कर रहा है तो वह इस योजना का लाभ लेने का पात्र नहीं होगा।
नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त न्यायाधीश अपनी आवश्यकता के अनुसार घरेलू नौकर या चालक की व्यवस्था स्वयं कर सकेंगे। इसके अलावा वे चाहें तो झारखंड हाईकोर्ट से दो चतुर्थवर्गीय कर्मियों अथवा एक कर्मी और एक चालक की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध भी कर सकते हैं। ऐसे मामलों में नकद भुगतान को लेकर अलग व्यवस्था लागू होगी।