Ranchi News : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आचार संहिता उल्लंघन मामले में झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने आदित्यपुर थाना में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) को रद्द कर दिया है, जिससे इस मामले में उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई समाप्त हो गई।
2014 के चुनाव प्रचार से जुड़ा था मामला
मामला वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान कथित आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा था। आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया, जिसके आधार पर आदित्यपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनाया फैसला
न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इससे पहले हाईकोर्ट ने निचली अदालत में चल रही ट्रायल प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी थी। अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया।
याचिका में आरोपों को बताया था निराधार
हेमंत सोरेन की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान किसी प्रकार का आचार संहिता उल्लंघन नहीं किया था और उनके खिलाफ दर्ज मामला कानूनन टिकाऊ नहीं है।
आदित्यपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी में हेमंत सोरेन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 और 506 तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत आरोप लगाए गए थे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह प्राथमिकी रद्द हो गई और इस मामले में उनके खिलाफ चल रही पूरी कानूनी कार्रवाई समाप्त हो गई।