Seraikela News : जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। गुरुवार को उपनगर आयुक्त पारुल सिंह के नेतृत्व में हुई जांच में एक निजी नर्सिंग होम से करीब डेढ़ दर्जन फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की पुष्टि हुई है। जांच के दायरे में प्रतिष्ठित महिला चिकित्सक डॉ. वीणा सिंह का “न्यू लाइफ” नर्सिंग होम आया है, जिसके बाद निजी नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है।
दो से तीन हजार रुपये लेकर बन रहे थे प्रमाण पत्र, कई और नाम जांच के दायरे में
उपनगर आयुक्त ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई। जांच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एवज में दो से तीन हजार रुपये तक वसूली की बात सामने आई है। साथ ही अन्य चिकित्सकों और नर्सिंग होम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि स्थानीयता का लाभ लेने के उद्देश्य से यह खेल चल रहा हो सकता है। फिलहाल सभी संदिग्ध प्रमाण पत्रों की गहन जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
डॉ. वीणा सिंह ने मानी गलती, जारी प्रमाण पत्र निरस्त करने की बात कही
मामले में डॉ. वीणा सिंह ने स्वीकार किया कि उनसे गलती हुई है और पुराने केस के आधार पर कुछ प्रमाण पत्र गलत तरीके से जारी हो गए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जारी सभी ऐसे प्रमाण पत्र निरस्त किए जा रहे हैं और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। अब जांच में और किन डॉक्टरों व नर्सिंग होम के नाम सामने आते हैं, इस पर सबकी नजर टिकी है।