Jamshedpur News : जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री और ‘युवा तुर्क’ चंद्रशेखर जी के शताब्दी वर्ष जयंती समारोह का आयोजन मिलानी हॉल में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय उपस्थित थे। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
संबंधों को जीने वाले इंसान थे चंद्रशेखर :- सरयू राय
अपने संबोधन में सरयू राय ने चंद्रशेखर को एक अद्वितीय व्यक्तित्व वाला नेता बताते हुए कहा कि वे संबंधों को जीने वाले इंसान थे और आलोचनाओं को कभी निजी तौर पर नहीं लेते थे। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जैसा नेता दूसरा नहीं हो सकता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि चंद्रशेखर जी बेबाक और मुखर स्वभाव के थे तथा युवाओं में उनका खास सम्मान था।
सरयू राय ने बताया कि चंद्रशेखर जी जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े और जेल भी गए। वर्ष 1980 में उन्होंने सरयू राय को जनता पार्टी का बिहार प्रदेश महासचिव बनाया।
संबंधों को जीने वाले इंसान थे चंद्रशेखर :- सरयू राय
अपने संबोधन में सरयू राय ने चंद्रशेखर को एक अद्वितीय व्यक्तित्व वाला नेता बताते हुए कहा कि वे संबंधों को जीने वाले इंसान थे और आलोचनाओं को कभी निजी तौर पर नहीं लेते थे। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जैसा नेता दूसरा नहीं हो सकता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि चंद्रशेखर जी बेबाक और मुखर स्वभाव के थे तथा युवाओं में उनका खास सम्मान था।
सरयू राय ने बताया कि चंद्रशेखर जी जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े और जेल भी गए। वर्ष 1980 में उन्होंने सरयू राय को जनता पार्टी का बिहार प्रदेश महासचिव बनाया।
कन्याकुमारी से राजघाट यात्रा और बेबाक नेतृत्व को किया गया याद
उन्होंने चंद्रशेखर की 4600 किलोमीटर लंबी कन्याकुमारी से राजघाट तक की पदयात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस यात्रा ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। ‘भारत यात्रा ट्रस्ट’ के गठन से जुड़े अपने मतभेदों का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी ने इसे कभी व्यक्तिगत नहीं माना और उनके प्रति स्नेह बनाए रखा।
सरयू राय ने कहा कि चंद्रशेखर जी अपने संबंधों को छिपाते नहीं थे और उन्हें खुले तौर पर स्वीकार करते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब सूर्यदेव सिंह जेल में थे, तब चंद्रशेखर उनसे मिलने जेल तक गए थे।
उन्होंने चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देशहित में कठिन फैसले लेने से कभी परहेज नहीं किया, जिसमें सोना गिरवी रखने का निर्णय भी शामिल था।
कार्यक्रम में समाजसेवी शिवशंकर सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए चंद्रशेखर जी को बेहद सरल और सहज व्यक्तित्व वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित उनके आवास पर हर आने वाले के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था रहती थी।
कार्यक्रम का संचालन जदयू महासचिव कुलविंदर सिंह पन्नू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने किया।
उन्होंने चंद्रशेखर की 4600 किलोमीटर लंबी कन्याकुमारी से राजघाट तक की पदयात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस यात्रा ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। ‘भारत यात्रा ट्रस्ट’ के गठन से जुड़े अपने मतभेदों का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी ने इसे कभी व्यक्तिगत नहीं माना और उनके प्रति स्नेह बनाए रखा।
सरयू राय ने कहा कि चंद्रशेखर जी अपने संबंधों को छिपाते नहीं थे और उन्हें खुले तौर पर स्वीकार करते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब सूर्यदेव सिंह जेल में थे, तब चंद्रशेखर उनसे मिलने जेल तक गए थे।
उन्होंने चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देशहित में कठिन फैसले लेने से कभी परहेज नहीं किया, जिसमें सोना गिरवी रखने का निर्णय भी शामिल था।
कार्यक्रम में समाजसेवी शिवशंकर सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए चंद्रशेखर जी को बेहद सरल और सहज व्यक्तित्व वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित उनके आवास पर हर आने वाले के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था रहती थी।
कार्यक्रम का संचालन जदयू महासचिव कुलविंदर सिंह पन्नू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने किया।