Jharkhand News: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा जारी कक्षपाल नियुक्ति के विज्ञापन पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि सरकार ने 2025 में जो विज्ञापन निकाला है, उसमें अभ्यर्थियों के लिए वही आयु सीमा तय की गई है, जो वर्ष 2015 में निर्धारित थी.
लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके
बाबूलाल मरांडी का कहना है कि पिछले दस वर्षों से कक्षपाल पद पर कोई नियुक्ति नहीं होने के कारण हजारों युवा इस अवसर से बाहर हो चुके हैं. लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं और अब वे आवेदन करने के योग्य भी नहीं रह गए हैं. उन्होंने कहा कि समय पर बहाली नहीं होने का सीधा नुकसान उन युवाओं को झेलना पड़ रहा है, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की और इस भर्ती का इंतजार करते रहे. सरकार की इस लापरवाही ने युवाओं के भविष्य पर असर डाला है.
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए आयु सीमा में छूट का प्रावधान करना चाहिए.
राज्य की भर्ती व्यवस्था की कमजोरियों की ओर इशारा
कक्षपाल नियुक्ति को लेकर उठे ये सवाल राज्य की भर्ती व्यवस्था की कमजोरियों की ओर इशारा करते हैं. वर्षों तक बहाली नहीं होने और फिर पुरानी आयु सीमा लागू करने से बड़ी संख्या में युवा बाहर हो रहे हैं. यह मुद्दा आने वाले समय में सरकार के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चुनौती बन सकता है