Noamundi: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत जेटेया थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात एक जंगली हाथी ने भीषण तबाही मचाई। हाथी के इस हिंसक हमले में कुल 7 लोगों की कुचलकर मौत हो गई, जबकि 4 अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में बवाडिया गाँव के 5 और बडापासेया गाँव के 2 लोग शामिल हैं।
सोते समय हुआ हमला, मचा हाहाकार
मिली जानकारी के अनुसार, जंगली हाथी देर रात अचानक रिहायशी इलाके में घुस आया। जब ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे, तभी हाथी ने घरों को क्षतिग्रस्त करना शुरू कर दिया। बवाडिया गाँव में हाथी ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया, जहाँ एक ही परिवार के 4 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गाँव में मातम पसरा हुआ है।
घायलों की स्थिति नाजुक
घटना की पुष्टि वनरक्षी अमित महतो, जेटेया मुखिया संजीत तिरिया और पंसस दीपा गोप ने की है। उन्होंने बताया कि हमले में घायल 4 ग्रामीणों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया है, जिनमें से एक की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
गाँवों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद बवाडिया, बडापासेया और आसपास के दर्जनों गाँवों में दहशत व्याप्त है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि हाथियों की आवाजाही की पूर्व सूचना या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण इतनी बड़ी जनहानि हुई है।
प्रशासन एवं वन विभाग,ग्रामीण से विशेष अपील
जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम सरकार उठाए, हम स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से पुरजोर अपील करते हैं कि, हाथी को गजराज टीम की मदद से हाथी को तत्काल रिहायशी इलाकों से दूर घने जंगलों में भेजा जाए। मुआवजा और सहायता, पीड़ित परिवारों को अविलंब सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए और घायलों के बेहतर इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था हो। प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की टीम 24 घंटे गश्त करे और अर्ली वार्निंग सिस्टम को सक्रिय करे ताकि ग्रामीण सतर्क रह सकें।, जंगली हाथियों के प्रवेश मार्ग वाले गाँवों में हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएं ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर हाथी बस्तियों में न घुस सकें। ग्रामीण से अनुरोध है कृपया हाथी के करीब जाने या उसे छेड़ने की कोशिश न करें। रात के समय समूह में रहें और सतर्क रहें।