Jharkhand: झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में आधार कार्ड से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में सामने आया कि नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर आधार कार्ड बनाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने साहिबगंज में 292 और पाकुड़ में 329 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की आईडी बंद कर दी है। इस कार्रवाई के बाद दोनों जिलों में हड़कंप मच गया है।
जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। साहिबगंज जिले की अनुमानित आबादी 13,92,393 है जबकि यहां 14,53,634 आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं पाकुड़ की आबादी 10,89,673 बताई जाती है, लेकिन यहां 11,36,959 आधार कार्ड बने पाए गए। जनसंख्या से अधिक आधार कार्ड प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
इस पूरे मामले का खुलासा अक्टूबर महीने में साहिबगंज के सोतीचौकी गांगजो स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र से हुई शिकायत के बाद हुआ। जांच के दौरान वहां से लैपटॉप जब्त किए गए, जिनमें दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर आधार बनाने के सबूत मिले। इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
मामले की जांच के लिए रांची और दिल्ली से भी टीम आई थी और आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ की गई। हालांकि अब तक जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को नहीं सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार कुछ विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है जिस कारण रिपोर्ट में देरी हो रही है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि फर्जी आधार कार्ड के इस खेल में बांग्लादेशी घुसपैठियों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जांच में संकेत मिले हैं कि बाहरी पहचान पत्रों के आधार पर बड़ी संख्या में आधार कार्ड बनाए गए।
फिलहाल साहिबगंज और पाकुड़ दोनों जिलों में आधार केंद्रों की कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन CSC केंद्रों में गड़बड़ी पाई गई है उन्हें पूरी तरह बंद कर संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।