Jharkhand News: अवैध खनन की जांच के सिलसिले में साहिबगंज पहुंची सीबीआई की टीम ने गुरुवार को जिला खनन कार्यालय में दस्तावेजों की गहन जांच की. इस दौरान जिला खनन पदाधिकारी से जिले में चल रही माइनिंग गतिविधियों को लेकर जानकारी ली गई और आवश्यक कागजात हासिल किए गए.
मंगलवार शाम से साहिबगंज में डेरा डाले है अधिकारी
सीबीआई की टीम मंगलवार की शाम अवैध खनन की जांच के लिए साहिबगंज पहुंची थी. इसके बाद लगातार अलग अलग बिंदुओं पर जांच की जा रही है. गुरुवार को खनन विभाग के रिकॉर्ड खंगालना जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है. सीबीआई ने जिला खनन पदाधिकारी से जिले में दी गई माइनिंग लीज, लीज धारकों द्वारा किए गए खनन कार्य और रॉयल्टी वसूली से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी. इसके साथ ही इन मामलों से संबंधित दस्तावेज भी सीबीआई की टीम ने अपने कब्जे में लिए.
माइनिंग लीज और रॉयल्टी वसूली की जानकारी ली
सीबीआई ने जिला खनन पदाधिकारी से जिले में दी गई माइनिंग लीज, लीज धारकों द्वारा किए गए खनन कार्य और रॉयल्टी वसूली से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी. इसके साथ ही इन मामलों से संबंधित दस्तावेज भी सीबीआई की टीम ने अपने कब्जे में लिए.
समन जारी कर सर्किट हाउस में पूछताछ
सीबीआई अधिकारियों के दल ने खनन कार्य से जुड़े लोगों के अलावा कुछ अन्य व्यक्तियों को भी समन जारी किया था. समन के आधार पर संबंधित लोगों को सर्किट हाउस में पूछताछ के लिए बुलाया गया. यहां उनसे जिले में वैध और अवैध माइनिंग से जुड़े मामलों पर सवाल जवाब किए गए.
स्टीमर घाट और नींबू पहाड़ का किया गया निरीक्षण
अवैध खनन की जांच के क्रम में सीबीआई की टीम ने बुधवार को स्टीमर घाट और नींबू पहाड़ का भी निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान नींबू पहाड़ के पास माइनिंग लीज धारक अनुपस्थित पाए गए. बताया जा रहा है कि सीबीआई के पहुंचने की सूचना के बाद नींबू पहाड़ क्षेत्र में वैध माइनिंग लीज धारक भी मौके पर मौजूद नहीं थे.
साहिबगंज में सीबीआई की सक्रियता से अवैध खनन से जुड़े मामलों में दबाव बढ़ता नजर आ रहा है. खनन विभाग के दस्तावेजों की जांच और लीज धारकों से पूछताछ यह संकेत दे रही है कि जांच का दायरा आगे और विस्तृत हो सकता है. अब देखने वाली बात होगी कि दस्तावेजी जांच और मैदानी निरीक्षण के बाद सीबीआई किन निष्कर्षों तक पहुंचती है और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है.