Jharkhand: गढ़वा जिले से हाथियों के आतंक की एक और घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका गांव में जंगली हाथी ने एक महिला को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव और आसपास के इलाकों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
करीब दो किलोमीटर तक शव को कंधे पर उठाना पड़ा
घटना के बाद ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण महिला के शव को करीब दो किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर गांव तक लाना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में विकास की कमी और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर दिया है।
2024 व 2025 में हाथियों के हमलों से गई 18 लोगों की जान
बताया जा रहा है कि यह गढ़वा जिले में वर्ष 2026 का पहला हाथी हमला है। इससे पहले वर्ष 2024 और 2025 में हाथियों के हमलों में जिले में 18 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, अगर पूरे झारखंड की बात करें तो स्थिति और भी भयावह नजर आती है। साल 2026 के सिर्फ 9 दिनों में ही हाथी हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जो वन्यजीव-मानव संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।
कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई
लगातार बढ़ रहे हाथी हमलों से ग्रामीणों में भारी डर और असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग और प्रशासन की ओर से न तो हाथियों की नियमित निगरानी की जा रही है और न ही कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में हाथियों की निगरानी बढ़ाने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
हालात और भी भयावह हो सकते आगे
हालांकि, घटना के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम उठते नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ते जा रहे हैं। यदि समय रहते इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।