Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को पहली बड़ी कामयाबी मिली है. बंगाल पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. सुवेंदु अधिकारी के भाई दिव्येंदु अधिकारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए भावुक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि एक मां की गोद सूनी हुई है और वे दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शेंगे नहीं. उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार के गठन के साथ ही पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिलेगा.
बर्नपुर से जुड़े बाइक के तार, आरटीओ रिकॉर्ड ने उलझाई गुत्थी
पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (नंबर- WB44D1990) को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. इस बाइक का कनेक्शन दक्षिण आसनसोल के बर्नपुर से पाया गया है. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, यह मोटरसाइकिल पश्चिम बर्धमान आरटीओ में विभाष कुमार भट्टाचार्य के नाम पर पंजीकृत है. पुलिस अब उस कड़ी को जोड़ने में जुटी है कि आखिर यह बाइक हमलावरों के पास कैसे पहुंची और क्या यह किसी गहरी साजिश का हिस्सा है.
रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिला मालिक, जांच में नया मोड़
जब पुलिस बाइक के रजिस्टर्ड पते पर छापेमारी करने पहुंची, तो मामला और भी उलझ गया. रिकॉर्ड में दर्ज पते पर विभाष भट्टाचार्य नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला. वर्तमान में वहां धर्मवीर नामक एक व्यक्ति रहता है, जो बर्नपुर इस्को (IISCO) कारखाने में कार्यरत है. धर्मवीर का कहना है कि वह 2014 से उस क्वार्टर में रह रहा है और वह विभाष नाम के किसी भी व्यक्ति को नहीं जानता है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या फर्जी पते पर बाइक खरीदी गई थी या मालिक ने इसे बहुत पहले बेच दिया था.
दो दशक पुराना साथ और पूर्व वायुसेना कर्मी का दुखद अंत
बता दें कि चंद्रनाथ रथ केवल एक सहायक नहीं, बल्कि सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक थे. वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वे पिछले दो दशकों से सुवेंदु के साथ जुड़े हुए थे. बुधवार रात उत्तर 24 परगना जिले में हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद से ही बंगाल की राजनीति में उबाल है और भाजपा ने इसे राजनीतिक हत्या करार देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.