Ranchi News: साहिबगंज जिले में अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई को माइनिंग कारोबारी संजय यादव उर्फ काला संजय की संपत्ति देखकर दंग रह गई.संजय के पास केवल सात एकड़ जमीन पर पत्थर खनन का वैध लीज है, लेकिन उसके पास कुल 16 पोकलेन मशीनें मौजूद हैं.इनमें से एक अत्याधुनिक पोकलेन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि बाकी मशीनों की कीमत 60 से 65 लाख रुपये प्रति पोकलेन है. सीबीआई के अनुसार, इन सभी मशीनों की कुल कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है.
अवैध खनन मामले पर सीबीआई की जांच
अवैध खनन मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम साहिबगंज में कैंप कर रही है.शुक्रवार को टीम गदवा पहाड़ इलाके में स्थित काला संजय के माइनिंग क्षेत्र में पहुंची. यहां उसकी दो कंपनियां—मां शीतला स्टोन वर्क्स और गदवा स्टोन वर्क्स—के नाम से खनन कार्य किया जा रहा है. जांच में सामने आया कि सीमित क्षेत्रफल के लीज के मुकाबले उसके पास मशीनों की संख्या जरूरत से कहीं अधिक है.
सीबीआई को मिली थी संकेत
प्रारंभिक जांच में सीबीआई को यह भी संकेत मिले हैं कि संजय यादव ने अपने वैध लीज क्षेत्र से बाहर भी खनन किया है.इस अवैध खनन को छिपाने के लिए खनन क्षेत्र तक जाने वाले रास्तों को स्टोन डस्ट से बंद कर दिया गया था. जांच एजेंसी को यह जानकारी भी मिली है कि जब ईडी की जांच तेज हुई, उसी दौरान संजय ने छत्तीसगढ़ में भी माइनिंग का काम शुरू कर दिया था.सीबीआई को शक है कि इस कारोबार में किसी अन्य व्यक्ति का काला धन भी लगा हुआ है.
इसी क्रम में सीबीआई ने शुक्रवार को संकट मोचन स्टोन वर्क्स के मालिक राजेश जयसवाल से पूछताछ की. वह नीबू पहाड़ इलाके में खनन करता है.एक दिन पहले जब सीबीआई की टीम वहां पहुंची थी, तब वह मौजूद नहीं था. बाद में उसे बुलाकर उसके माइनिंग लीज और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई.
जांच के दौरान सीबीआई की टीम दाहू यादव के घर भी पहुंची.दाहू यादव लंबे समय से फरार चल रहा है. ईडी के समन पर वह एक बार पूछताछ के लिए पहुंचा था, लेकिन बीमारी का हवाला देकर समय मांगा और फिर फरार हो गया. उसकी अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है. अदालत ने उसे जांच अधिकारी के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। फिलहाल उसके खिलाफ वारंट जारी है, हालांकि पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है.