Jharkhand News: पश्चिम अफ्रीका के देश नाइजर में अगवा किए गए झारखंड के पांच मजदूर आखिरकार आठ महीने बाद सुरक्षित भारत लौट आए हैं. शुक्रवार को ये सभी मजदूर मुंबई पहुंचे, जहां उनकी अनिवार्य स्वास्थ्य जांच और सरकारी व कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं.
14 जनवरी को लौटेंगे अपने घर
झारखंड सरकार के श्रम विभाग के अंतर्गत चल रहे राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की प्रमुख शिखा लाकड़ा ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के रहने वाले ये पांचों मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं और 14 जनवरी को अपने घर लौटेंगे.
गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष और विदेश मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से यह संभव हो सका.उन्होंने बताया कि निजी कंपनी के अधिकारियों से सूचना मिली थी कि मजदूरों को आठ महीने तक बंधक रखने के बाद रिहा कर दिया गया है, जिसके बाद उन्हें विमान से मुंबई लाया गया.
गिरिडीह के सहायक श्रम आयुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि 27 अप्रैल 2025 को राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को जानकारी मिली थी कि नाइजर में ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का काम कर रही एक निजी कंपनी में कार्यरत पांच मजदूरों का अपहरण कर लिया गया है. ये सभी मजदूर बगोदर थाना क्षेत्र के निवासी हैं.
अगवा किए गए मजदूरों की पहचान फलजीत महतो, राजू कुमार, चंद्रिका महतो, संजय महतो और उत्तम महतो के रूप में हुई है.
प्रवीण कुमार ने बताया कि इन मजदूरों को जनवरी से मार्च 2025 तक हर महीने 550 अमेरिकी डॉलर (करीब 47,620 रुपये) वेतन दिया गया था. तीन महीनों का कुल वेतन लगभग 1,42,857 रुपये बनता है. इसके अलावा, जब मजदूर नाइजर में फंसे हुए थे, तब उनके परिवारों को सरकार की ओर से 17,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जा रही थी. साथ ही, परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा गया.
मजदूरों की सुरक्षित वापसी से उनके परिवारों और पूरे इलाके में राहत और खुशी का माहौल है.