Jamshedpur: आज दिनांक 10 जनवरी 2026 को साकची स्थित आमबगान मैदान में डहरे टुसु 2026 के आयोजकों द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बीते 4 जनवरी 2026 को संपन्न हुए डहरे टुसु महोत्सव का विश्लेषण करना और आगामी आयोजनों में सुधार हेतु ठोस रूपरेखा तैयार करना था।
संस्कृति के संरक्षण पर जोर
बैठक की शुरुआत में आयोजकों ने महोत्सव में शामिल हुए हजारों संस्कृति प्रेमियों का आभार प्रकट किया। चर्चा के दौरान सबसे बड़ा निर्णय DJ (डीजे) को लेकर लिया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में आधुनिक डीजे की जगह पारंपरिक साउंड सिस्टम का ही उपयोग होगा।
नियमों की नई सूची और अनिवार्यता
महोत्सव की गरिमा और परंपरा को बनाए रखने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, प्रत्येक साउंड सिस्टम के साथ कम से कम 10 ढोल, धमसा, मादल और 6 फीट का चौड़ल होना अनिवार्य होगा।कार्यक्रम में शामिल होने वाले साउंड सिस्टम और संबंधित गांवों की जानकारी 15 दिन पहले सार्वजनिक करनी होगी।
परिधान और अनुशासन, सुरक्षा और शालीनता
सभी प्रतिभागियों के लिए सांकेतिक पारंपरिक परिधान पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही, सभी टोलियों को शाम 6:00 बजे तक हर हाल में आमबगान मैदान पहुंचना होगा। आयोजकों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी ऐसी गतिविधि न हो जिससे महिलाओं और बच्चों को असहज महसूस हो।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
आयोजन समिति ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी दल इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो समिति उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगी। इस पहल का उद्देश्य झारखंड की समृद्ध टुसु परंपरा को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।