National: गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। सीमा पार से भेजे गए एक ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिराने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने इस मंसूबे को विफल कर दिया।
ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद गिराया गया
पाकिस्तान की ओर से आए ड्रोन ने सांबा जिले के सीमावर्ती इलाके में एक गांव के पास हथियार और गोला-बारूद गिराए। सूचना मिलते ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने इलाके को घेरकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
तलाशी के दौरान हथियारों की बरामदगी
राजपुरा क्षेत्र के पालूरा गांव में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को एक संदिग्ध पैकेट मिला। जांच में पैकेट से एक चीनी हैंड ग्रेनेड, 9 एमएम के 16 कारतूस, एक मैगजीन के साथ एक ग्लॉक पिस्टल और दो मैगजीन सहित एक स्टार पिस्टल बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक, गणतंत्र दिवस समारोह को निशाना बनाने की किसी भी आतंकी साजिश को विफल करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
पहले भी देखी गई थी ड्रोन गतिविधि
गौरतलब है कि इससे पहले 21 नवंबर को भी सांबा जिले की घगवाल तहसील में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक गांव के ऊपर पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधि देखी गई थी। उस दौरान भी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामग्री की एयरड्रॉपिंग की आशंका के चलते बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था।
ड्रोन से नशे की तस्करी की कोशिश भी नाकाम
वहीं, 27 अक्टूबर को BSF ने जम्मू जिले के रणबीर सिंह पुरा इलाके में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को भी नाकाम किया था। उस कार्रवाई में ड्रोन से गिराए गए दो बैग बरामद हुए थे, जिनमें पांच किलो से अधिक हेरोइन मिली थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई थी।