आजीवन संघर्ष किया
इस अवसर पर पार्टी नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोनों महान नेताओं के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्षों एवं योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय शिबू सोरेन एवं स्वर्गीय सुनील महतो ने झारखंड की पहचान, आदिवासी अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया, और उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
झामुमो कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
रक्तदान शिविर के माध्यम से समाजसेवा का संदेश देते हुए आयोजकों ने लगभग 300 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा है। शिविर में युवाओं, महिलाओं एवं झामुमो कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा की।
महावीर मुर्मू कहा कि रक्तदान महादान है और ऐसे कार्यक्रमों से न केवल जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलता है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है। शिविर के सफल आयोजन में स्थानीय कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों एवं स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम पूरी तरह सफल और प्रेरणादायी
इस अवसर पर बड़ी संख्या में झामुमो नेता, फाउंडेशन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह सफल और प्रेरणादायी रहा।