Jharkhand: मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए झारखंड में चाइनीज मांझा समेत सभी खतरनाक सिंथेटिक, नायलॉन और धातु से बने मांझों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री, आयात और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह निर्णय आम नागरिकों और पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
बिजली की तारों में फंसकर विद्युत आपूर्ति बाधित
प्रशासन के अनुसार चाइनीज मांझा और कांच अथवा धातु से लेपित मांझे अत्यंत जानलेवा होते हैं। इनसे पक्षियों की गर्दन कटने के साथ-साथ कई बार लोगों के हाथ, पैर और गले में गंभीर चोट लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके अलावा ऐसे मांझे बिजली की तारों में फंसकर विद्युत आपूर्ति बाधित करते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है।
बाजारों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश
प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दोषी पाए जाने पर जेल और आर्थिक दंड का प्रावधान है। प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने और बाजारों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिया हैं।
सूती मांझे का ही उपयोग करें
साथ ही प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि मकर संक्रांति पर केवल सुरक्षित सूती मांझे का ही उपयोग करें और बच्चों को खुले व सुरक्षित स्थानों पर पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें, ताकि पर्व सुरक्षित और आनंदमय ढंग से मनाया जा सके।