गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
घटनाक्रम की शुरुआत 14 जनवरी 2026 की रात करीब 10:00 बजे हुई, जब बिरसानगर पुलिस को सूचना मिली कि हुरतुंग क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की नीयत से घूम रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP के निर्देश पर नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
जब पुलिस टीम हुरतुंग के पास पहुंची, तो एक व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन चौकन्ना जवानों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
तलाशी में बरामद हुए हथियार
पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद तलाशी ली गई, तो उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुए जो इस प्रकार है।
एक लोडेड देशी कट्टा कमर में खोंसा हुआ, दो जिंदा गोलियां जींस की जेब से, एक Redmi A5 मोबाइल फोन
पुरानी लूट का खुलासा, साथियों के साथ मिलकर की थी डकैती
पूछताछ के दौरान अपराधी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि वह पहले सरायकेला के एक होटल में काम करता था, जहाँ से उसने लूट और डकैती की दुनिया में कदम रखा। उसने कबूल किया कि 10 नवंबर 2025 को उसने अपने तीन साथियों अंजीत बेहरा, बाबू सरदार और सूरज कांरवा के साथ मिलकर जोन नंबर 11 स्थित विश्वकर्मा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में हथियार के बल पर बड़ी लूट की थी।
उसने बताया कि बरामद मोबाइल फोन उसी लूट के पैसों से खरीदा गया था, जबकि बाकी पैसे उसने नशा करने और घूमने-फिरने में उड़ा दिए। गौरतलब है कि उसके तीनों साथी पहले ही जेल जा चुके हैं।
अपराधिक इतिहास
अजय सिंह एक पेशेवर अपराधी है। उस पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं, जो इस प्रकार से है।
बागबेड़ा थाना में, आर्म्स एक्ट के तहत मामला, दर्ज है बिरसानगर थाना में लूट और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
इस सफल अभियान में बिरसानगर थाना प्रभारी संतोष कुमार, लालचंद बेदिया, शंकर उरांव, ललन कुमार सिंह और बिरसानगर थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह शहर में और किन-किन घटनाओं में संलिप्त रहा है।