Ranchi: रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय में कथित मारपीट की घटना को लेकर गुरुवार सुबह पुलिस की विशेष जांच टीम ईडी दफ्तर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को भी मौके पर तैनात किया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जांच के दौरान सिटी डीएसपी, एयरपोर्ट थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी मौजूद रही।
एयरपोर्ट थाना पुलिस के नेतृत्व में जांच
ईडी अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान हिंसा करने के आरोपों के बाद रांची पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। एयरपोर्ट थाना पुलिस की अगुवाई में गठित टीम ने ईडी कार्यालय पहुंचकर साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की। बताया जा रहा है कि इस जांच में एक दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हैं।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य कब्जे में
पुलिस अधिकारियों ने ईडी कार्यालय के भीतर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की गहन जांच की। सिटी डीएसपी, एयरपोर्ट थानेदार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में फुटेज जब्त कर ली गई है। इसके साथ ही दस्तावेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज
इस पूरे मामले की शुरुआत अपर चुटिया निवासी संतोष कुमार की शिकायत से हुई है। उन्होंने एयरपोर्ट थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया कि 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में दो अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत के आधार पर कांड संख्या 05/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूछताछ के दौरान दबाव और हिंसा का आरोप
संतोष कुमार के अनुसार, 12 जनवरी की सुबह उन्हें फोन कर ईडी कार्यालय बुलाया गया था। वे तय समय से पहले कार्यालय पहुंच गए थे। दोपहर के समय उन्हें एक अधिकारी के कमरे में बुलाया गया, जहां पहले से एक अन्य अधिकारी मौजूद थे।
पीड़ित का दावा है कि पूछताछ के दौरान उनसे जबरन आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर कथित रूप से गाली-गलौज की गई और फिर शारीरिक हमला किया गया। आरोप है कि डंडे से पीटा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में भी दबाव बनाने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि घायल अवस्था में दोनों अधिकारी उन्हें सदर अस्पताल की इमरजेंसी लेकर गए। वहां डॉक्टरों पर चोटों का उल्लेख मेडिकल रिपोर्ट में न करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि शाम तक अस्पताल में रखने के बाद बिना परिजनों को सूचना दिए उन्हें दोबारा ईडी कार्यालय ले जाया गया और खून से सनी टी-शर्ट बदलवा दी गई।
जांच जारी, अगली कार्रवाई साक्ष्यों पर निर्भर
फिलहाल रांची पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस प्रकरण में ईडी और पुलिस दोनों की भूमिका को लेकर निगाहें टिकी हुई हैं।