National Politics: भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. रिटर्निंग ऑफिसर डॉ के लक्ष्मण ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है. इस पूरी प्रक्रिया को संगठन पर्व 2024 नाम दिया गया है. पार्टी के अनुसार संगठनात्मक चुनाव अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है.
निर्वाचक मंडल की सूची प्रकाशित
बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की सूची भी जारी कर दी है. यह सूची पार्टी मुख्यालय में प्रकाशित की गई है. इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है और आगे की तारीखें तय कर दी गई हैं.
19 जनवरी से नामांकन की प्रक्रिया
घोषित कार्यक्रम के अनुसार 19 जनवरी को दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे. इसी दिन शाम चार बजे से पांच बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी. इसके बाद शाम पांच बजे से छह बजे तक नाम वापस लेने की प्रक्रिया चलेगी. शाम साढ़े छह बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की ओर से आधिकारिक घोषणा की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान कराया जाएगा.
नितिन नबीन के नाम पर सहमति के संकेत
फिलहाल पार्टी ने नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया हुआ है. संगठन के भीतर यह माना जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संकेत भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल बड़ी राजनीतिक परीक्षा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नबीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल होगी. पार्टी इस राज्य में सत्ता तक पहुंचने की रणनीति को मजबूत करना चाहती है. इसके साथ ही असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव भी संगठन के लिए अहम माने जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने जताया भरोसा
कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन की सराहना की थी. उन्होंने कहा था कि नितिन नबीन एक समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं. संगठनात्मक अनुभव के साथ बिहार में विधायक और मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल प्रभावशाली रहा है. उनकी कार्यशैली व्यावहारिक और स्वभाव विनम्र है.
कई राज्यों में विधानसभा चुनाव
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया ने साफ कर दिया है कि पार्टी नेतृत्व संगठन को युवा चेहरे के हाथों सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. नितिन नबीन की संभावित ताजपोशी ऐसे समय में हो रही है जब कई राज्यों में विधानसभा चुनाव सामने हैं. ऐसे में संगठनात्मक मजबूती और राज्यों में रणनीतिक संतुलन नई नेतृत्व टीम की सबसे बड़ी परीक्षा होगी.