Ranchi News: रांची नगर निगम की वित्तीय स्थिति पर ऑडिट रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, निगम की आमदनी से ज्यादा उसका खर्च हो गया है. वित्तीय वर्ष के दौरान जहां निगम को कुल 255 करोड़ 88 लाख 12 हजार 253 रुपये का राजस्व मिला, वहीं स्थापना, प्रशासनिक, ऑपरेशन व मेंटेनेंस समेत अन्य मदों में 260 करोड़ 62 लाख 60 हजार 506 रुपये खर्च हो गए. इस तरह निगम को करीब 4.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा.
पिछले साल की तुलना में घटी आय
ऑडिट रिपोर्ट बताती है कि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस बार रांची नगर निगम को 17 करोड़ 81 लाख 5 हजार 458 रुपये कम राजस्व प्राप्त हुआ. टैक्स, संपत्ति, फीस-यूजर चार्ज और राजस्व अनुदान जैसे प्रमुख आय स्रोतों में गिरावट दर्ज की गई है.
सबसे ज्यादा असर राजस्व अनुदान में दिखा है. बीते वर्ष की तुलना में इस मद में निगम को 24 करोड़ 96 लाख 44 हजार 848 रुपये कम मिले. वहीं टैक्स, फीस-यूजर चार्ज और संपत्ति से होने वाली आय में भी कमी आई है.
किन मदों में कितना घटा राजस्व
• टैक्स: 17 करोड़ 81 लाख 5 हजार 458 रुपये कम
• संपत्ति: 1 करोड़ 18 लाख 5 हजार 367 रुपये कम
• फीस व यूजर चार्ज: 6 करोड़ 2 लाख 37 हजार 728 रुपये कम
• किराया शुल्क: 21 लाख 88 हजार 300 रुपये कम
• राजस्व अनुदान: 24 करोड़ 96 लाख 44 हजार 848 रुपये कम
• निवेश से आय: 8 करोड़ 96 लाख 36 हजार 325 रुपये
• ब्याज: 34 लाख 28 हजार 381 रुपये
• अन्य आय: 25 लाख 10 हजार 290 रुपये
निगम को कहां से कितना राजस्व मिला
• टैक्स: 92 करोड़ 92 लाख 88 हजार 561 रुपये
• संपत्ति: 3 करोड़ 97 लाख 71 हजार 715 रुपये
• फीस व यूजर चार्ज: 38 करोड़ 32 लाख 37 हजार 938 रुपये
• किराया शुल्क: 69 लाख 14 हजार 925 रुपये
• राजस्व अनुदान: 117 करोड़ 93 लाख 55 हजार 572 रुपये
• निवेश से आय: 8 करोड़ 96 लाख 36 हजार 325 रुपये
• ब्याज: 1 करोड़ 17 लाख 36 हजार 986 रुपये
• अन्य आय: 21 लाख 60 हजार 436 रुपये
खर्च का पूरा हिसाब
• स्थापना व्यय: 88 करोड़ 32 लाख 52 हजार 766 रुपये
• प्रशासनिक खर्च: 7 करोड़ 11 लाख 9 हजार 671 रुपये
• ऑपरेशन व मेंटेनेंस: 27 करोड़ 73 लाख 26 हजार 252 रुपये
• ब्याज भुगतान: 9 करोड़ 72 लाख 25 हजार 174 रुपये
• कार्यक्रम खर्च: 71 लाख 29 हजार 681 रुपये
• सब्सिडी: 36 करोड़ 16 लाख 3 हजार 68 रुपये
• संपत्तियों का मूल्य ह्रास (एसेट्स डिप्रिसिएशन): 90 करोड़ 86 लाख 13 हजार 894 रुपये
क्या कहती है रिपोर्ट
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, आय में लगातार गिरावट और खर्च में बढ़ोतरी के कारण नगर निगम की वित्तीय सेहत कमजोर हुई है. यदि राजस्व बढ़ाने और खर्च पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में निगम की चुनौतियां और बढ़ सकती हैं.