आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों की जांच
अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा टीम ने मुख्य रूप से पैसेंजर वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने यानी ओवरलोडिंग पर विशेष ध्यान दिया। जांच के क्रम में 40 से अधिक बसों, मैजिक वैन और अन्य व्यावसायिक वाहनों को रोककर उनके आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण
जांच के दौरान ओवरलोडिंग के दोषी पाए गए पांच वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 83 हजार 650 रुपये का जुर्माना वसूला गया। एमवीआई सूरज हेंब्रम ने वाहन चालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ओवरलोडिंग न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण भी बनता है।
यातायात नियमों की अनदेखी
उन्होंने चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करना है। प्रशासन ने यह भी बताया कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ इस तरह का जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिदिन औचक निरीक्षण जारी रहेगा। इस कदम का उद्देश्य आम जनता के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।