आस्था बनाम नियम, गेट पर घंटों चला विरोध
शनिवार को आयोजित इस परीक्षा में शामिल होने आईं महिलाओं का आरोप है कि चेकिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों और विद्यालय स्टाफ ने मंगलसूत्र पहनकर अंदर जाने से साफ मना कर दिया। महिलाओं ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मंगलसूत्र केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि उनके वैवाहिक सम्मान और अटूट आस्था का प्रतीक है।
विरोध कर रही महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा, चाहे परीक्षा छूट जाए या नौकरी न मिले, हम अपने सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों के साथ समझौता नहीं करेंगे।
उप-प्राचार्य पर मनमानी के आरोप
हंगामे के दौरान अभ्यर्थियों ने विद्यालय के उप-प्राचार्य इकबाल नासिर पर नियमों को जरूरत से ज्यादा सख्ती से लागू करने के आरोप लगाए। महिलाओं का कहना था कि, अन्य केंद्रों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धातु की वस्तुओं पर टेप लगाकर प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
यहाँ मेटल डिटेक्टर जांच के नाम पर अनावश्यक रूप से भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था या बीच का रास्ता निकालने से मना कर दिया।
व्यवस्था पर उठे सवाल
काफी देर तक स्कूल के मुख्य द्वार पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कुछ महिलाओं ने रोष जताते हुए कहा कि प्रशासन को सुरक्षा और धार्मिक संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाना चाहिए। विरोध के चलते कई अभ्यर्थियों की परीक्षा शुरू होने में भी देरी हुई। फिलहाल, इस मामले में विद्यालय प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन स्थानीय पुलिस और प्रशासन स्थिति को शांत करने की कोशिश में जुटे रहे।