Jharkhand News: झारखंड के देवघर जिले के लालगढ़ मोहल्ले में मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर उपजा विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गया है. बुधवार रात दो पक्षों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया था. इसी मामले को लेकर गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा एलान किया है.
लालगढ़ में मंदिर जीर्णोद्धार से शुरू हुआ तनाव
देवघर के लालगढ़ इलाके में स्थित एक मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर बुधवार रात हालात बिगड़ गए थे. दो पक्षों के आमने सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में लेते हुए सात लोगों को हिरासत में लिया. इस घटना के बाद से इलाके में सियासी बयान तेज हो गए.
पहले भी कांग्रेस, झामुमो और राजद पर साधा था निशाना
घटना के तुरंत बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस, झामुमो और राजद पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि हिंदू झारखंड में अपनी ही जमीन पर मंदिर नहीं बना पा रहे हैं. इस बयान के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.
निशिकांत दुबे का नया ऐलान
अब निशिकांत दुबे ने एक्स पर लालगढ़ को लेकर साफ एलान किया है. उन्होंने लिखा कि 31 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजे माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि पर वे खुद लालगढ़ पहुंचकर मंदिर के रुके हुए काम को शुरू कराएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर भव्य होगा सुंदर होगा और मधुपुर का सबसे ऊंचा मंदिर बनेगा.
पाकिस्तान वाला बयान फिर चर्चा में
अपने बयान में निशिकांत दुबे ने तीखा सवाल उठाते हुए लिखा कि अनुसूचित जाति की अपनी जमीन पर अगर हिंदुस्तान में मंदिर नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा. इसके साथ ही उन्होंने खुद को भगवा का झंडाबरदार बताते हुए समर्थकों से तैयार रहने की अपील की.
घायलों की तस्वीर साझा कर लिखा मंदिर वहीं बनाएंगे
एक अन्य पोस्ट में निशिकांत दुबे ने झड़प में घायल लोगों की तस्वीर साझा की. तस्वीर के साथ लिखा गया कि मधुपुर के लालगढ़ में मंदिर विवाद के दौरान अन्य समुदाय के लोगों ने छह हिंदू भाइयों बहनों पर हमला किया. पोस्ट में हिंसा की निंदा करते हुए घायलों को न्याय देने निष्पक्ष जांच कराने और शांति बनाए रखने की अपील भी की गई.
प्रशासन की भूमिका और कानून व्यवस्था की परीक्षा
लालगढ़ मंदिर विवाद अब सिर्फ स्थानीय तनाव तक सीमित नहीं रहा बल्कि सियासी रंग ले चुका है. पुलिस कार्रवाई और हिरासत के बीच भाजपा सांसद का सीधा ऐलान इस मुद्दे को और संवेदनशील बना रहा है. आने वाले दिनों में प्रशासन की भूमिका और कानून व्यवस्था की परीक्षा इस मामले में अहम रहने वाली है.