Jamshedpur: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि क्षत्रिय समाज का अतीत और उसकी विरासत अतुलनीय है। उन्होंने साझा विरासत को मजबूत करने और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया।
आदित्यपुर में झारखंड क्षत्रिय संघ के बैनर तले आयोजित परिवार मिलन समारोह को संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि धर्म, समाज, देश और संस्कृति के लिए संघर्ष करने का गौरवशाली इतिहास क्षत्रिय समाज के पास है। उन्होंने कहा कि आत्मबल और रणनीति के माध्यम से क्षत्रिय समाज ने इतिहास में ऐसा मुकाम हासिल किया है, जहां तक पहुंचना हर किसी के लिए संभव नहीं है।
उन्होंने ऐसे आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सम्मेलनों से लोगों को एक साथ समय बिताने और अपने अतीत से जुड़ने का अवसर मिलता है। अतीत से जुड़ने से वर्तमान और भविष्य में समाज की भूमिका तय करने में मदद मिलती है। हमारी परंपराएं, विरासत और गौरवशाली इतिहास हमें अपनी पहचान और आत्मसम्मान का बोध कराते हैं।
सरयू राय ने कहा कि आज समाज में जिस तरह की लड़ाइयां हो रही हैं, उनकी तुलना क्षत्रिय समाज के गौरवशाली अतीत से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कई बार शासन अपने प्रचार-प्रसार में ही लगा रहता है, जबकि वास्तविक योगदान समाज द्वारा संजोकर रखा जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उसे कभी न भूलें।
साझी विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत
सिदगोड़ा टाउन हॉल में चंद्रवंशी एकता मंच के तत्वावधान में आयोजित वनभोज कार्यक्रम में सरयू राय ने कहा कि चंद्रवंशी समाज स्वयं को महाराज जरासंध का वंशज मानता है। उन्होंने जरासंध की वीरता और अन्य गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि उस कालखंड की सभी ऐतिहासिक कड़ियां आपस में जुड़ी हुई हैं। इसलिए विरासत को अलग-अलग नहीं, बल्कि साझा विरासत के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा तभी संभव है, जब हम सभी अपनी साझी विरासत को आगे बढ़ाएं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सनातन संस्कृति कमजोर हुई, तो हमारे महापुरुषों को भी भुला दिया जाएगा। यह समय की मांग है कि देश और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सामूहिक रूप से मजबूत किया जाए।
शिक्षा ही भविष्य का सबसे बड़ा हथियार
सोनारी के ट्राइबल कल्चर सेंटर में आयोजित कानू समाज के वनभोज कार्यक्रम में सरयू राय ने कहा कि कानू विकास संघ से उनका आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि यह समाज इसलिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि यहां बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में जिन बच्चों को सम्मानित किया गया, उन्होंने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में वही समाज आगे बढ़ेगा और अपने अधिकार हासिल करेगा, जो शिक्षित होगा। शिक्षा विकास का सबसे सशक्त हथियार है और जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा।