Chaibasa News: चाईबासा परिसदन में रात्रि विश्राम के दौरान जिला प्रशासन के रवैये को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सामान्य शिष्टाचार और आवश्यक औपचारिक औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया, जो बेहद खेदजनक है।
संवाद की परंपरा टूटने पर चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जिले में आने वाले जनप्रतिनिधियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारी संवाद करते थे। इस दौरान विकास कार्यों और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती थी, जिससे प्रशासनिक कार्यसंस्कृति मजबूत होती थी।
पद और गरिमा का उल्लेख
उन्होंने ये भी कहा कि भले ही वह वर्तमान में किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं, लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। इसके बावजूद औपचारिक मुलाकात या संवाद न होना प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
लोकतांत्रिक मर्यादा पर जोर
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम एक ऐतिहासिक और जनजातीय बहुल जिला है, जिसकी अपनी सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संवैधानिक मर्यादाओं और प्रशासनिक शिष्टाचार का पालन करे।