यात्रियों में मची अफरा-तफरी
जैसे ही यात्रियों ने खिड़की से देखा कि सामने वाली पटरी पर ही दूसरी ट्रेन खड़ी है, कोच के भीतर चीख-पुकार मच गई। अनहोनी की आशंका में बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन से उतरकर पटरी पर आ गए। देखते ही देखते घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे, जिससे पूरे शहर में रेल दुर्घटना की अफवाह फैल गई।
रेलवे विभाग की सफाई, डरने की बात नहीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे विभाग के अधिकारियों ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की। अधिकारियों के अनुसार, यह कोई तकनीकी चूक या दुर्घटना की स्थिति नहीं थी, बल्कि ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम का एक हिस्सा था।
ऑटो ब्लॉक सिस्टम, इस तकनीक के तहत एक ही पटरी पर निश्चित दूरी (जैसे 100 मीटर) के अंतराल पर दो ट्रेनों को सुरक्षित रूप से रोका जा सकता है। सुरक्षित परिचालन, अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही आगे वाली ट्रेन को सिग्नल मिलेगा, दोनों ट्रेनें अपने गंतव्य की ओर रवाना हो जाएंगी।
अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर इसे ट्रेन की टक्कर होने से बची जैसी भ्रामक खबरों के साथ साझा न करें। रेलवे ने चेतावनी दी है कि गलत अफवाह फैलाकर आम जनता में दहशत पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और दोनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय और सुरक्षा मानकों के साथ आगे बढ़ रही हैं।