वर्चस्व और जमीन विवाद में चली थीं गोलियां
गौरतलब है कि शनिवार की रात पिस्का मोड़ के पास दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जो देखते ही देखते ताबड़तोड़ गोलीबारी में तब्दील हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। गोलीबारी की इस घटना में दोनों गुटों की ओर से कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका उपचार फिलहाल अस्पताल में चल रहा है।
एसएसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद सिटी एसपी और कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोए के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया और मुख्य आरोपी संजय पांडेय व उसके पांच अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
जमीन कारोबार से जुड़े हैं तार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों गुटों के बीच लंबे समय से जमीन के एक बड़े टुकड़े को लेकर विवाद चल रहा था। इलाके में अपनी धाक जमाने और जमीन पर कब्जे को लेकर शनिवार रात दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है, जिससे शहर में सक्रिय अन्य भू-माफियाओं और अपराधियों के गठजोड़ का खुलासा होने की उम्मीद है।
पुलिस का रुख
कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोए ने बताया कि राजधानी की शांति व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।