Ghatshila: गलूडीह थाना क्षेत्र में हुए भाजपा नेता तारापद महतो की हत्या मामले में पुलिस ने एक और अहम गिरफ्तारी की है। बुधवार को चंद्ररेखा गांव से भाजपा के जिला महामंत्री हराधन सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस जांच में हत्याकांड में उनकी भूमिका सामने आने के बाद गलूडीह थाना में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड के साजिशकर्ता जितेंद्र दुबे, जो घाटशिला जेल में बंद है, तथा मुख्य आरोपी जगन्नाथ गोराई, जिसने पूर्व में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था, उन्हें मंगलवार को रिमांड पर लिया गया था। पुलिस ने छह दिनों की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत से दो दिन की अनुमति मिली। रिमांड के दौरान दोनों से की गई पूछताछ में हराधन सिंह की संलिप्तता उजागर हुई। इस बात की पुष्टि गलूडीह थाना प्रभारी अंकु कुमार ने की है।
पूछताछ के बाद दो लोग रिहा
थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के क्रम में बुधवार की शाम हराधन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं, चंदन गिरि और राजेश कर्मकार से कई दिनों तक पूछताछ की गई, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
पहले भी हो चुका था हमला
बता दें कि 25 नवंबर को पुतड़ू गांव में एक शादी समारोह के दौरान तारापद महतो के साथ मारपीट की घटना हुई थी। आरोप था कि भाजपा का पैसा लेकर जेएलकेएम के लिए काम करने को लेकर विवाद हुआ था। इस घटना में हराधन सिंह, चंदन गिरि, राजेश कर्मकार, दीपक राय और हीरालाल महतो शामिल बताए गए थे। मारपीट में तारापद महतो गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उनके बयान पर गलूडीह थाना में सभी पांचों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हुआ था। उस समय हराधन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि दीपक राय ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। बाद में सभी को जमानत मिल गई थी। इसके बाद 12 जनवरी की शाम तारापद महतो की हत्या कर दी गई।
आंदोलन के बाद प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप
इधर, जेएलकेएम (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) के जिला महासचिव दिनेश महतो ने बुधवार को झारखंड सरकार के गृह सचिव को पत्र भेजकर घाटशिला की बीडीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को पुतड़ू में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तारापद महतो हत्याकांड के विरोध में आंदोलन किया गया था। आंदोलन के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लिखित समझौता हुआ था, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि किसी भी आंदोलनकारी पर केस दर्ज नहीं किया जाएगा।
दिनेश महतो का आरोप है कि इस समझौते के बावजूद बीडीओ यूनिका शर्मा ने गलूडीह थाना में 16 नामजद और 100–150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। उन्होंने कहा कि समझौते पर प्रशासन, पीड़ित परिवार और ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, फिर भी केस दर्ज करना प्रशासन की वादा खिलाफी और जनता के साथ धोखा है। उन्होंने गृह सचिव से पूरे मामले की जांच कराने, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जांच जारी
पुलिस ने बताया कि जितेंद्र दुबे और जगन्नाथ गोराई से लगातार पूछताछ की जा रही है। बुधवार को दोनों का घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। फिलहाल हत्याकांड की जांच जारी है और पुलिस सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।