ट्रेनों को आदित्यपुर शिफ्ट करने का घोर विरोध
सांसद बिद्युत बरण महतो ने उन प्रस्तावों पर कड़ा ऐतराज जताया, जिनमें टाटानगर से खुलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों जैसे साउथ बिहार एक्सप्रेस, टाटा-दानापुर, जलियांवाला बाग, जम्मूतवी और एर्नाकुलम एक्सप्रेस को आदित्यपुर स्टेशन से परिचालित करने की योजना है। सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टाटानगर के यात्रियों की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और वे इन ट्रेनों की शिफ्टिंग का डटकर विरोध करेंगे।
चांडिल-झाड़ग्राम नई रेल लाइन, एक गेम चेंजर विकल्प
सांसद ने चांडिल-बोड़ाम-पटमदा-बांदवान होते हुए झाड़ग्राम तक नई रेल लाइन के निर्माण की मांग को प्रमुखता से दोहराया। उन्होंने तर्क दिया कि यह लाइन हावड़ा-मुंबई रूट के लिए एक बाईपास का काम करेगी।इससे चांडिल और चक्रधरपुर से टाटानगर आने वाली ट्रेनों के घंटों लेट होने की समस्या खत्म होगी।
यह आदिवासी बहुल और पिछड़े क्षेत्रों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी
विस्थापित दुकानदारों का पुनर्वास और बुनियादी ढांचा टाटानगर स्टेशन के रीडेवलपमेंट प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए सांसद ने कहा कि रेलवे की लीज पर दशकों से बसे दुकानदारों को उजाड़ना गलत है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से मांग की कि इन दुकानदारों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
अन्य प्रमुख मांगें
टाटानगर से दिघा और टाटा-काटपाड़ी होकर बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू करना, साउथ बिहार एक्सप्रेस का बक्सर तक और टाटा-रांची इंटरसिटी का डालटेनगंज तक विस्तार, सालगाझुरी और कुदादा में अंडरपास को चालू करना तथा सुंदरनगर और परसुडीह में ओवरब्रिज का निर्माण। सिदिरसाई हॉल्ट पर लाइट, पानी और शौचालय की व्यवस्था तथा टाटानगर सेकंड एंट्री गेट पर फ्री ड्रॉपिंग लेन की सुविधा। बैठक के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन मांगों को संज्ञान में लिया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।