Bihar: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बिहार के कटिहार जिले से राष्ट्रभक्ति और प्रकृति प्रेम की एक अद्भुत तस्वीर सामने आई है। जिले के प्रसिद्ध किसान और मैंगो मैन के नाम से विख्यात कालीदास बनर्जी ने अपने बगीचे को तिरंगे के रंगों में सराबोर कर दिया है। उन्होंने अपने 10 एकड़ के विशाल बागान में लगे करीब 1100 पेड़ों को केसरिया, सफेद और हरे रंग से रंग कर पूरे देश को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है।
15 दिनों की मेहनत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
कालीदास बनर्जी को इस विशाल कार्य को पूरा करने में 15 दिन का समय लगा। खास बात यह है कि पेड़ों को रंगते समय उन्होंने वैज्ञानिक तकनीक का भी ध्यान रखा है। रंगों में कीटनाशक दवाइयों का मिश्रण किया गया है, ताकि पेड़ों की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ वे कीटों और बीमारियों से भी सुरक्षित रहें। पेड़ों पर न केवल तीन रंग, बल्कि कलात्मक रूप से अशोक चक्र भी उकेरा गया है।
तिरंगा शान है, पेड़ जान है
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई कृषि पुरस्कारों से सम्मानित बनर्जी का मानना है कि तिरंगा हर भारतीय की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा जब लोग पेड़ों को तिरंगे के रूप में देखेंगे, तो उनके मन में इन वृक्षों के प्रति सम्मान जागेगा। जो लोग पेड़ों को बेवजह काट देते हैं, वे इस तिरंगे संदेश को देखकर रुकेंगे और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित होंगे।
चर्चा का केंद्र बना बागान
यह अनोखा प्रयोग अब पूरे जिले और राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। लोग दूर-दूर से इस "तिरंगा बागान" को देखने पहुँच रहे हैं। कालीदास बनर्जी की यह पहल साबित करती है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश और समाज को जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम भी हो सकती है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उनका यह ग्रीन तिरंगा अभियान विकसित भारत और स्वच्छ भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है।