Koderma: कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र अंतर्गत मुर्कमनाय पंचायत के ग्राम बेला में बीती रात उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पश्चिम बंगाल की एक युवती अपने महिला संगठन के सदस्यों के साथ गांव पहुंची और एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए। देर रात तक चले इस घटनाक्रम से पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग तरह-तरह की चर्चाओं में उलझे रहे।
पीड़िता युवती ने लगाया आरोप
पीड़िता युवती का आरोप है कि उसकी पहचान बेला गांव निवासी नितेश पंडित से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। युवती का दावा है कि दोनों ने आपसी सहमति से एक मंदिर में शादी भी की थी और इसके बाद फरवरी माह से करीब सात से आठ महीनों तक हैदराबाद में पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे।
मरकच्चो थाना में शिकायत दर्ज
युवती के अनुसार, कुछ समय बाद नितेश पंडित अचानक बिना किसी सूचना के गायब हो गया। उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा और सभी प्रकार का संपर्क टूट गया। काफी खोजबीन के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो खुद को ठगा और असहाय महसूस करते हुए युवती कोडरमा पहुंची और मरकच्चो थाना में शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों के सामने साझा की अपनी पीड़ा
पीड़िता ने बताया कि नितेश ने न्यायालय में विधिवत विवाह करने का आश्वासन देकर जमानत ली थी, लेकिन इसके बाद न तो उसने संपर्क किया और न ही मंदिर में हुई शादी को स्वीकार करने को तैयार हुआ। लगातार उपेक्षा और न्याय न मिलने से मानसिक रूप से टूट चुकी युवती आखिरकार महिला संगठन के सहयोग से नितेश के पैतृक गांव पहुंची, जहां उसने ग्रामीणों के सामने अपनी पीड़ा साझा की।
युवती को लोगों ने सुनाई तरह-तरह की बातें
युवती ने भावुक होते हुए कहा कि एक लड़की होने के नाते वह कब तक दर-दर भटकेगी। शादी का भरोसा देकर साथ रहने के बाद अब उसे समाज में अपमान, बदनामी और चरित्र पर सवालों का सामना करना पड़ रहा है। उसने बताया कि रिश्तेदारों और आसपास के लोगों के बीच उसके बारे में तरह-तरह की बातें की जा रही हैं, जिससे उसका पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और समझदार लोगों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया, लेकिन नितेश पंडित ने युवती को अपनाने से साफ इंकार कर दिया। काफी देर तक चले हंगामे और बातचीत के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकल पाया, तो निराश होकर युवती और महिला संगठन के सदस्य गांव से लौट गए।
न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी नजर
इस घटना के बाद ग्राम बेला में देर रात तक चर्चाओं का दौर चलता रहा। मामला प्रेम, भरोसे और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा होने के कारण लोगों के बीच गहरी संवेदनशीलता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है।