Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से जुड़े एक अहम मामले की सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मामलों में पीड़क कार्रवाई पर पहले से लगी रोक हटा दी. यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ दिए गए बयानों से जुड़ा है. सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत में हुई.
कोर्ट ने एक सप्ताह का समय भी दिया
सुनवाई के दौरान बाबूलाल मरांडी की ओर से अदालत से एक सप्ताह का समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. हालांकि इसी के साथ अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि दर्ज मामलों में अब उनके खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक जारी नहीं रहेगी.
यूट्यूब इंटरव्यू से जुड़ा है पूरा विवाद
मामले की पृष्ठभूमि एक निजी यूट्यूब चैनल से जुड़ी है, जिस पर बाबूलाल मरांडी का वह साक्षात्कार अपलोड किया गया था, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार को लेकर बयान दिए थे. इस इंटरव्यू के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं की ओर से अलग-अलग जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
चार थानों में दर्ज हैं केस
इस प्रकरण में सिमडेगा थाना कांड संख्या 104/2023, रामगढ़ थाना कांड संख्या 196/2023, बरहेट थाना कांड संख्या 104/2023 और देवघर के मधुपुर थाना कांड संख्या 176/2023 दर्ज हैं. बाबूलाल मरांडी ने इन सभी प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है.
आगे की सुनवाई पर टिकी निगाहें
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब मामले में अगली सुनवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है. मरांडी की याचिका पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
हाईकोर्ट के इस फैसले से बाबूलाल मरांडी की कानूनी चुनौतियां बढ़ सकती हैं. पीड़क कार्रवाई पर लगी रोक हटने के बाद जांच एजेंसियों को आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि याचिका अभी विचाराधीन है, ऐसे में आने वाली सुनवाई में कोर्ट का अंतिम रुख राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है.