माघ बुरू पूजा हमारी आस्था और संस्कृति की पहचान संजीव सरदार
मौके पर विधायक संजीव सरदार ने अपने संबोधन में कहा कि माघ बुरू पूजा आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव की जीवंत मिसाल है। यह पूजा हमें जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ-साथ आपसी एकता और सामूहिकता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में भी अपनी पारंपरिक पूजा-पद्धति और संस्कृति को जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है और समाज की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है।
नाया दारोम के साथ हुआ सामूहिक आयोजन
पूजा के दौरान नाया गुलसन सरदार के नेतृत्व में नाया दारोम संपन्न हुआ। पूजा-अर्चना में देवरी सहदेव सरदार, श्यामलाल सरदार सहित गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने पारंपरिक विधि से भाग लिया। आयोजन में गांव का माहौल भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बना रहा।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर ग्राम प्रधान राजू सरदार, सुषेन सरदार, सपन सरदार, भूतनाथ सरदार, दशरथ सरदार, लव सरदार, खोगा सरदार, भोला सरदार, हीरो सरदार, मोटा सरदार, अजय सरदार, रमेश सरदार, दुलाली सरदार, रानी सरदार, सीमा सरदार, भारती सरदार, संकनी सरदार, सविता सरदार, झामुमो नेता सुधीर सोरेन, हीरामणि मुर्मू, मिर्जा सोरेन, हितेश भगत, भुवनेश्वर सरदार, भागात बास्के, दुलाल गोप, मुकेश सीट, कृष्णा भगत, गांधी मार्डी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे।