Jharkhand: झारखण्ड पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह ने पूर्वी सिंहभूम जिले के भ्रमण के दौरान बोड़ाम प्रखंड की लायलम पंचायत स्थित सबर बाहुल्य गांवों—हाथी टोला और डांगर टोला—का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य विलुप्तप्राय सबर आदिम जनजाति परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का जायजा लेना और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को समझना था।
आजीविका और शहद उत्पादन पर जोर
भ्रमण के दौरान अध्यक्ष ने समुदाय के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा सबर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए शहद उत्पादन कार्यक्रम की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों से जुड़ाव ही इन परिवारों के स्थायी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
ग्रामीणों ने गिनाईं समस्याएं
अध्यक्ष ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया, जिसमें सबर परिवारों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आ रही तकनीकी बाधाओं को साझा किया। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित किया:
प्रशासन को सख्त निर्देश
ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अमरेंद्र प्रताप सिंह ने स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य और राजस्व कैंप नियमित रूप से लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि कागजी प्रक्रियाओं के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने पशुपालन शेड और स्थानीय उत्पादों के बेहतर विपणन पर भी बल दिया। इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, बीडीओ किकू महतो और सीओ रंजीत कुमार सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।