मामला गोविंदपुर थाना क्षेत्र के सहराज गांव का है। आरोप है कि बीते दिनों निरसा सब-डिविजन बिजली विभाग के SDO नीतीश कुमार छापेमारी के लिए गांव पहुंचे थे। इसी दौरान एक महिला स्नान कर रही थी। आरोप है कि SDO ने महिला को कपड़े बदलने का समय नहीं दिया और गेट तोड़कर जबरन घर में घुसकर छापेमारी की कार्रवाई जारी रखी।
बिजली विभाग की शिकायत पर
इस घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया और बिजली विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। महिलाओं ने SDO को पकड़कर गोविंदपुर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी विष्णु राउत ने ग्रामीणों की FIR दर्ज करने में आनाकानी की, जबकि दूसरे पक्ष यानी बिजली विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस की इस कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को रांची से अपने गृह क्षेत्र जा रहे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के काफिले को गोविंदपुर–साहिबगंज मुख्य मार्ग पर पूर्वी टुंडी के शंकरडीह इलाके में रोक लिया और पूरी घटना की जानकारी दी।
दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तत्काल प्रभाव से धनबाद SSP से फोन पर बात की और निर्देश दिया कि दोनों पक्षों की FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा, किसी भी अधिकारी को कानून के नाम पर किसी महिला की गरिमा से खिलवाड़ करने का हक नहीं है। मैंने विभाग और पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।