National News: कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने अमेरिका में जारी किए गए एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने के दावे पर चर्चा कराने की मांग की.
मणिकम टैगोर ने कहा कि इस तरह के आरोप भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि, नैतिक प्रतिष्ठा और संवैधानिक भरोसे को नुकसान पहुंचा सकते हैं. उनका कहना था कि जब यह मामला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, तब संसद और सरकार का चुप रहना सही नहीं है.
कांग्रेस ने सरकार से पूछे ये सवाल:
• क्या सरकार ने इस ईमेल की सच्चाई की कोई जांच करवाई है?
• क्या जेफरी एपस्टीन का कभी सीधे या किसी माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी या भारत सरकार से कोई संपर्क रहा है?
• क्या 2017 में अमेरिका के राष्ट्रपति से मुलाकात या इजराइल यात्रा से पहले एपस्टीन से जुड़े किसी व्यक्ति से कोई सलाह या सहयोग लिया गया था?
• ईमेल में लिखा गया वाक्य “It worked” किस संदर्भ में इस्तेमाल किया गया था?
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका सरकार ने 30 जनवरी को एपस्टीन फाइल्स से जुड़े कुछ दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं. इनमें शामिल एक ईमेल में प्रधानमंत्री मोदी की 2017 की इजराइल यात्रा का जिक्र बताया जा रहा है. यह ईमेल यौन अपराधों में दोषी ठहराए जा चुके जेफरी एपस्टीन से जुड़ा होने का दावा किया जा रहा है.
विदेश मंत्रालय ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
इस पूरे मामले पर विदेश मंत्रालय ने सख्त प्रतिक्रिया दी है मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 2017 की इजराइल यात्रा पूरी तरह आधिकारिक थी. उन्होंने ईमेल में किए गए दावों को एक अपराधी की मनगढ़ंत बातें बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया.
कांग्रेस का सवाल जारी
विदेश मंत्रालय की सफाई के बावजूद कांग्रेस ने सवाल उठाने जारी रखे हैं. राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों में प्रधानमंत्री का नाम कई बार आया है और सिर्फ एक बयान से सभी शंकाओं का समाधान नहीं हो सकता.
एपस्टीन फाइल्स क्या हैं?
अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन से जुड़े लगभग 30 लाख पन्नों के दस्तावेज़, 2,000 से अधिक वीडियो और करीब 1.8 लाख तस्वीरें सार्वजनिक की हैं. जेफरी एपस्टीन की अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी. उस पर यौन तस्करी जैसे गंभीर आरोप थे और वह पहले भी ऐसे मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था.