Jamshedpur: जमशेदपुर नगर निगम चुनाव की सरगर्मी के बीच जुबानी जंग अब निजी हमलों और विवादों के केंद्र में आ गई है। जमशेदपुर पश्चिमी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई अमर्यादित बयानबाजी ने शहर की महिलाओं में भारी रोष पैदा कर दिया है। इस मामले को लेकर बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता कविता परमार के नेतृत्व में महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को पत्र सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निजी जीवन पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
कविता परमार ने उपायुक्त को सौंपे पत्र में स्पष्ट किया कि पूर्व मंत्री ने अपने भाषण के दौरान एक ऐसी महिला का नाम घसीटा है, जिसका न तो राजनीति से कोई सरोकार है और न ही वह किसी चुनावी भूमिका में है। उन्होंने कहा कि किसी गैर-राजनीतिक महिला को सार्वजनिक विमर्श में लाना न केवल अकल्पनीय है, बल्कि यह बेहद निंदनीय कृत्य है।
आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
पत्र के माध्यम से कविता परमार ने चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए चार मुख्य बिंदुओं पर पूर्व मंत्री को घेरा व्यक्तिगत जीवन पर हमला, MCC के अनुसार, कोई भी नेता राजनीतिक विरोध के दौरान किसी के व्यक्तिगत चरित्र पर टिप्पणी नहीं कर सकता।महिला गरिमा का अपमान, चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले अपमानजनक और मानहानिकर बयान स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं।
दूषित चुनावी वातावरण
इस तरह की बयानबाजी अन्य प्रत्याशियों को भी कीचड़ उछालने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे लोकतांत्रिक गरिमा गिरती है। जमशेदपुर को पहले भी किया शर्मसार मीडिया से बात करते हुए कविता परमार ने तीखे शब्दों में कहा कि पूर्व मंत्री का व्यवहार पूर्व में भी विवादों में रहा है जिससे शहर की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं के धैर्य की परीक्षा न ली जाए।