Jharkhand: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 54वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को धनबाद स्थित गोल्फ ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करीब 52 मिनट तक जोरदार और भावनात्मक भाषण दिया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य के कोयला क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं, स्थानीय रोजगार, महंगाई और शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले धनबाद कोयला क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए आउटसोर्सिंग कंपनियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि धनबाद जैसे कोयला बहुल क्षेत्र में खनन का कार्य बाहरी आउटसोर्सिंग कंपनियों को सौंप दिया गया है, जो स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय दूसरे राज्यों से मजदूर लाकर काम करा रही हैं। इसका नतीजा यह है कि यहां के स्थानीय लोग रोजगार से वंचित रह जाते हैं और उन्हें मजबूरी में बाहर पलायन करना पड़ता है। हेमंत सोरेन ने इसे झारखंड के लोगों के साथ अन्याय करार दिया।
कोयला कंपनियों को 75% स्थानीय रोजगार देने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोयला क्षेत्र में कार्यरत सभी कंपनियों को कम से कम 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को देना ही होगा। उन्होंने कंपनियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्थानीय युवाओं को उनका हक नहीं मिला, तो स्थानीय लोग अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार इस पूरे मामले पर गंभीर नजर बनाए हुए है और न्याय की इस लड़ाई में जनता के साथ खड़ी है।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने पेसा कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू हो चुका है और सरकार पूरी मजबूती के साथ यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी आदिवासी या स्थानीय नागरिक के साथ किसी तरह का अन्याय न हो। ग्राम सभाओं और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
इसके बाद हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए महंगाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र में भाजपा की सरकार है, तब तक देश में महंगाई कम होने की कोई उम्मीद नहीं है। बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है, जिससे वे अपने बच्चों की पढ़ाई तक सही ढंग से नहीं करा पा रहे हैं।
महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता राशि दी जाती
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी स्थिति को देखते हुए झारखंड सरकार महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता राशि दे रही है, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग का ख्याल रख रही है और जरूरतमंदों के लिए लगातार योजनाएं चला रही है।
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों के लिए रांची में निःशुल्क इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग की व्यवस्था कर रही है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही इस सुविधा को जिला स्तर तक विस्तार देने की योजना है, ताकि राज्य के दूर-दराज इलाकों के बच्चे भी इसका लाभ उठा सकें। सरकार का उद्देश्य है कि झारखंड का हर बच्चा पढ़े-लिखे और देश व राज्य के उच्च पदों तक पहुंचे।
अपने संबोधन के अंत में हेमंत सोरेन ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ उठाने की सलाह देते हुए कहा कि इसके माध्यम से बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पत्रकार जैसे पेशों में आगे बढ़ सकते हैं। इससे न केवल परिवार की स्थिति बदलेगी, बल्कि समाज और राज्य की तस्वीर भी बदलेगी।
झामुमो के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री का यह भाषण राजनीतिक संदेश के साथ-साथ स्थानीय अधिकार, रोजगार और शिक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखने वाला है।