राजगंज के लाठाटांड़ पहुंचे मंत्री
गुरुजी के संघर्षकालीन अनुभवों को प्रामाणिकता से जुटाने के लिए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू धनबाद के राजगंज प्रखंड स्थित लाठाटांड़ गांव पहुंचे। वहां उन्होंने वयोवृद्ध झारखंड आंदोलनकारी शंकर किशोर महतो से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य फिल्म के लिए उन अनछुए पहलुओं और घटनाओं को संकलित करना था, जो इतिहास की किताबों में दर्ज नहीं हो पाईं।
संघर्ष के वो कठिन दिन, चंदा जुटाकर छुड़ाते थे साथी
मुलाकात के दौरान पुरानी यादें ताजा हो गईं। शंकर किशोर महतो ने बताया कि वे विनोद बिहारी महतो के विचारों से प्रभावित होकर आंदोलन में कूदे थे। उन्होंने भावुक होते हुए साझा किया कि आंदोलन का शुरुआती दौर बेहद चुनौतीपूर्ण था। महतो ने बताया, आंदोलनकारियों के पास संसाधनों का भारी अभाव था। जब कोई साथी जेल जाता था, तो उसे छुड़ाने के लिए गांव-गांव घूमकर आर्थिक सहयोग जुटाना पड़ता था। कई बार बिना खाए-पिए हफ्तों तक जंगलों और गांवों में पदयात्रा करनी पड़ती थी।
फिल्म में दिखेगी झारखंड की वास्तविक गाथा
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उनके जीवन पर बनने वाली यह फिल्म आने वाली पीढ़ियों को बताएगी कि झारखंड राज्य को पाने के लिए हमारे पूर्वजों ने कितनी बड़ी कीमत चुकाई है। शंकर किशोर महतो जैसे आंदोलनकारियों के अनुभव इस फिल्म को जीवंत बनाएंगे। झारखंड आंदोलन का इतिहास त्याग और बलिदान से भरा है। गुरुजी के संघर्ष के साथियों से मिलना किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं है।